श्रीमती अब नहीं, आखिरकार सीईओ

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अध्याय 130

उसने अपना हाथ वापस खींच लिया, मगर नज़रें बेटे पर ही टिकाए रखीं और हर शब्द सोच-समझकर बोली, “जूलियस, मम्मी वादा करती है कि मैं इसे जितनी जल्दी हो सके ठीक कर दूँगी। मम्मी सबको साबित करके दिखाएगी कि मैं वैसी नहीं हूँ जैसी ये लोग कह रहे हैं।”

लेकिन माँ की माफ़ी सुनकर जूलियस के छोटे से चेहरे पर ग़ुस्सा क...

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